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पटवारी क्या होता है? लेखपाल या पटवारी कैसे बनें पूरी जानकारी | Lekhpal ya Patwari kaise bane

नमस्कार साथियों कैरियर जागरण में आपका स्वागत है और आज हम आपको बताने वाले हैं कि लेखपाल या पटवारी कैसे बनें। (Lekhpal Ya Patwari Kaise Bane. मैं आपको बता दूं कि लेखपाल और पटवारी एक ही पद का नाम है कई राज्यों में लेखपाल कहा जाता है तो कई राज्य में से पटवारी कहा जाता है तो साथियों अगर आप पटवारी बनना चाहते हैं तो आपको क्या करना होगा यह सभी जानकारी हम आपको इस देश में बताने वाले हैं।

इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि लेखपाल या पटवारी क्या होता है? पटवारी के क्या कार्य हैं? पटवारी कैसे बने? (Patwari kaise bane) लेखपाल बनने के लिए हमें क्या योग्यता होनी चाहिए?  लेखपाल यानी कि पटवारी बनने के लिए कैसे तैयारी करनी चाहिए। और पटवारी बनने के बाद कितनी सैलरी मिलेगी एवं लेखपाल और पटवारी से संबंधित कुछ सवाल जवाब भी करेंगे। आइए जानते हैं विस्तार से-

लेखपाल या पटवारी क्या होता है | Lekhpal and Patwari kya Hota hai

तो साथियों भारत एक ऐसा देश है जहां पर भारत देश की जनसंख्या 70% गांव में निवास करती है और गांव में जमीन का लेखा-जोखा आदि रखने के लिए हर ग्राम के लिए एक सरकारी राजस्व विभाग के अधीन पद होता है जो हर एक गांव में एक लेखपाल या पटवारी होता है वह उस गांव की जनसंख्या खेतीवाड़ी फसल की उपज और किसानों की जमीन आदि का लेखा जोखा रखता है और सरकार से आने वाली योजनाओं को ग्राम के व्यक्तियों तक पहुंचाने में उनके मदद करता है। उसे ही पटवारी कहते हैं।

पटवारी 3 प्रकार के होते हैं एक ग्राम पटवारी, कैनाल पटवारी,  चकबंदी पटवारी भारत के जिन राज्य मैं चकबंदी का कार्य चल रहा होता है उस गांव में चकबंदी पटवारी अलग से होता है जो जमीन का मापन एवं प्लॉट की गणना करता है। और कैनाल पटवारी का कार्य नहर का मापन करना एवं नक्शा बनाना होता है कैनाल पटवारी को नहर पटवारी भी कहते हैं यह पटवारी का हस्तांतरण पूरे राज्य में कहीं भी हो सकता है।

पटवारी को भारत के विभिन्न राज्यों में विभिन्न नाम से जाना जाता है वह नाम कुछ इस प्रकार हैं- कारनाम अधिकारी, शानबोगरु, लेखपाल, लेखापाल आदि। पटवारी के कार्य विस्तार रूप से हमने नीचे बताए हैं उन्हें पढ़िए।

पटवारी के कार्य व उत्तरदायित्व | Work of Patwari in hindi

तो दोस्तों आपको बता दें कि जो भी आपके गांव में पटवारी होता है उसके कार्य निम्नलिखित होते हैं-

  • ग्राम मैं रहने वाले लोगों की जमीन का लेखा-जोखा रखना एवं क्रय विक्रय करवाने में और वसीयत आदि करवाता है।
  • पटवारी का कार आने वाली आपदाओं से होने वाले नुकसान का लेखा-जोखा बनाकर सरकार को देता है।
  • पटवारी का कार्य सरकार से आने वाली सरकारी योजनाओं जो कि किसानों के लिए होती हैं उनका लाभ दिलवाना भी होता है।
  • जमीनी विवाद को निपटाना एवं जमीन का माप करना भी पटवारी का एक कार्य होता है।
  • पटवारी का एक मुख्य कार्य आय, जाति, निवास, हैसियत प्रमाण पत्र आदि बनाता है।

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लेखपाल या पटवारी कैसे बनें | Lekhpal ya Patwari kaise bane

अब बात आती है कि पटवारी कैसे बने अगर आप पटवारी बनना चाहते हैं तो यह एक बहुत ही अच्छा सरकारी पद है जहां पर अच्छी सैलरी मिलती है तो अगर आप पटवारी बनना चाहते हैं तो हम आपको यही बताने वाले हैं।

पटवारी के पद सरकार द्वारा समय-समय पर निकाले जाते हैं आप जो भी भर्तियां निकाली जाती हैं उन भर्ती पर आवेदन कर सकते हैं और उसके बाद लिखित परीक्षा देने के बाद जो भी रिजल्ट आता है उनमें मेरिट लिस्ट के आधार पर पदों की भर्ती की जाती है। और कई राज्यों में लिखित परीक्षा देने के बाद इंटरव्यू भी होता है और कई राज्यों में भर्ती प्रक्रिया कुछ अलग हो सकती है।

तो अब आप अगर पटवारी बनना चाहते हैं तो जैसे ही भर्तियां आती हैं आप वैसे ही आवेदन करें और परीक्षा पास करें। चलिए अब हम जानते हैं कि पटवारी भर्ती की परीक्षा देने के लिए हमें क्या योग्यता चाहिए और परीक्षा में क्या सिलेबस है।

लेखपाल या पटवारी बनने के लिए योग्यता | Patwari Banne ke liye yogyata

  1. शैक्षणिक योग्यता– पटवारी बनने के लिए आपको कम से कम 12 वीं पास होना चाहिए कई राज्यों में शैक्षणिक योग्यता को ग्रेजुएट कर दिया गया है यानी कि आपको ग्रेजुएट पास होना चाहिए और कई राज्यों में 12वीं पास को भी पटवारी भर्ती में शामिल किया जाता है। और इसके साथ आपके पास कोई भी 6 महीने का कंप्यूटर कोर्स जैसे DCA, PGDCA एवं CPCT का डिप्लोमा होना आवश्यक है। लेकिन उत्तर प्रदेश में कंप्यूटर कोर्स CCC भी मान्य है। और अगर आपके पास कंप्यूटर कोर्स नहीं है तो आप पटवारी बनने के बाद 2 साल के अंदर कोई भी कंप्यूटर कोर्स करना होगा।
  2. आयु सीमा– पटवारी बनने के लिए आपकी उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और ज्यादा से ज्यादा 40 वर्ष होनी चाहिए जाति व वर्ग के आधार पर आयु में छूट प्रदान की जाती है।

पटवारी के एग्जाम का सिलेबस | Patwari Exam Syllabus in Hindi

पटवारी बनने के लिए हमें एग्जाम देना होता है जिसमें आपको 100 वैकल्पिक प्रश्न पूछे जाते हैं जिनको आप को 2 घंटे में हल करना होता है और इनमें नेगेटिव मार्किंग होती भी है और नहीं भी होती यह होने वाली भर्ती की नोटिफिकेशन में लिखा होता है। पटवारी भर्ती में पूछे जाने वाले प्रश्न का सिलेबस इन विषयों से होता है जो कि नीचे पालिका में दिए गए हैं-

सेक्शंसकुल प्रश्नकुल अंकसमय
हिन्दी20202 घंटा
गणित2020
कंप्यूटर2020
सामान्य ज्ञान एवं सामयिकी2020
पंचायतीराज प्रणाली2020
कुल100 प्रश्न100 अंक

लेखपाल या पटवारी की सैलरी | Patwari ki Salary in UP

चलिए साथियों अब हम आपको बताते हैं कि पटवारी को सैलरी कितनी मिलती है तो पटवारी की सैलरी सेवा चयन आयोग के द्वारा निर्धारित की जाती है और यह भारत में राज्यों के आधार पर पटवारी की सैलरी या वेतन अलग अलग हो सकता है अगर उत्तर प्रदेश में पटवारी की सैलरी की बात करें तो अधीनस्थ सेवा चयन आयोग उत्तर प्रदेश लेखपाल या पटवारी को 5200 से लेकर 20200 और साथ में ग्रेड बी 2000 प्रतिमा सैलरी मिलती है।

पटवारी से संबंधित सवाल जवाब | Patwari Related FAQ

पटवारी और लेखपाल में क्या अंतर होता है?

लेखपाल और पटवारी मैं कोई अंतर नहीं है यह दोनों नाम एक ही पद के नाम हैं हां लेकिन उत्तराखंड में यह दोनों अलग-अलग होते हैं क्योंकि इस राज्य में पुलिस की व्यवस्था इतनी अच्छी नहीं है तो पटवारी पुलिस का कार्य करता है और लेखपाल अपना कार्य करता है।

पटवारी बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए?

पटवारी बनने के लिए आपको कम से कम 12 वीं पास होना चाहिए और उसके साथ कोई भी एक कंप्यूटर डिप्लोमा होना चाहिए।

पटवारी या लेखपाल कौन होता है?

राजस्व विभाग के अधीन पद होता है जो हर एक गांव में एक लेखपाल या पटवारी होता है वह उस गांव की जनसंख्या खेतीवाड़ी फसल भोपाल और किसानों की जमीन आदि का लेखा जोखा रखता है और सरकार से आने वाली योजनाओं को ग्राम के व्यक्तियों तक पहुंचाने में उनके मदद करता है। उसे ही पटवारी कहते हैं।

पटवारी की सैलरी कितनी होती है?

पटवारी की सैलरी की बात करें तो अधीनस्थ सेवा चयन आयोग उत्तर प्रदेश लेखपाल या पटवारी को 5200 से लेकर 20200 और साथ में ग्रेड बी 2000 प्रतिमा सैलरी मिलती है।

पटवारी को और किन नामों से जाना है?

पटवारी को भारत के विभिन्न राज्यों में विभिन्न नाम से जाना जाता है वह नाम कुछ इस प्रकार हैं- कारनाम अधिकारी, शानबोगरु, लेखपाल, लेखापाल आदि।

पटवारी के क्या कार्य हैं?

गांव की जनसंख्या खेतीवाड़ी फसल की उपज और किसानों की जमीन आदि का लेखा जोखा रखता है। और आय जाति निवास हैसियत आदि प्रमाण पत्र बनाता है और जमीन की विरासत और बटवारा या आवंटन भी करता है।

कैनाल पटवारी क्या होता है?

कैनाल पटवारी वह होता है जो नहर का नक्शा बनाता है और नहर डलवा ता है कैनाल पटवारी को नहर पटवारी भी कहते हैं नहर पटवारी का ट्रांसफर किसी भी समय राज्य के किसी भी स्थान पर किया जा सकता है।

दोस्त आशा करते हैं कि अब आपको पता चल गया होगा की लेखपाल या पटवारी कैसे बनें (Patwari Kaise bane, Lekhpal kaise bane) हैं। ऐसे ही और जानकारी के लिए कैरियर जागरण ब्लॉग को फॉलो करते रहिए किसी प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारियां इस ब्लॉग पर आपको मिलती हैं।

अगर आपके मन में अब भी कोई सवाल रह गया हो तो आप हमें कमेंट के माध्यम से बेझिझक होकर पूछ सकते हैं हम आपकी सहायता जरूर करेंगे एवं आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ शेयर कर दीजिए ताकि वह भी पटवारी कैसे बने के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें धन्यवाद।

मेरा नाम पुष्पेंद्र कुमार है और मैंने स्नातक की पढ़ाई की हुई है और मैं इस ब्लॉग पर आपके लिए शिक्षा से संबंधित जानकारियां शेयर करने में रुचि रखता हूं। एवं समय-समय पर आपके साथ जानकारियां शेयर करता रहूंगा।

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